फारूक, ओमार अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती को चुनाव लड़ने पर बैन की मांग दिल्ली उच्च न्यायालय में PIL

दिल्ली  उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमे की यह मांग किया गया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय चुनाव आयोग को दिशा निर्देश देने की बात कही गयी है कि चुनाव आयोग फारूक अब्दुल्लाह, ओमार अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती को चुनाव लड़ने और चुनाव प्रचार पर बैन करने की अपील की गयी है.

लोक सभा चुनाव २०१९ में फारूक, ओमार अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती को चुनाव लड़ने पर बन लगाए जाने की अपील, संविधान के खिलाफ भाषण और देश को तीनों ने दी टुकड़े टुकड़े करने की खुलेआम धमकी डी गयी है.

यह सर्वविदित है कि जम्मू और कश्मीर के इन नेताओं ने बीजेपी के संकल्प पत्र की घोषणा होने के बाद धारा  370 और 35A के हटाये जाने के मसाले पर भारत के संविधान और देश के खिलाफ मिडिया से और जन सम्मलेन में भाषण दिया गया. 

Why waste time in court. Wait for BJP to scrap Article 370. It will automatically debar us from fighting elections since Indian constitution won’t be applicable to J&K anymore. Na samjho gay tou mit jaouge aye Hindustan walo. Tumhari dastaan tak bhi na hogi dastaano main. https://t.co/3mvp2lndv2

— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) April 8, 2019

अतः याचिकाकर्ता ने देश की संप्रभुता और अखंता बनाये रखने के लिए और देश के संविधान के खिलाफ बोलने पर दिल्ली उच्च न्यायालय से चुनाव आयोग को यह दिशा निर्देश देने की अपील की है.

वैसे इन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान की मालिया स्थिति दुरुस्त नहीं है और भारत पाकिस्तान को लम्हों में धुल चटाने की कूवत रखता है.