राहुल गांधी बोले- शिष्य नरेंद्र मोदी ने गुरु लालकृष्ण आडवाणी को जूता मारकर स्टेज से उतारा

राहुल गांधी बोले- शिष्य नरेंद्र मोदी ने गुरु लालकृष्ण आडवाणी को जूता मारकर स्टेज से उतारा

नई दिल्ली: बीजेपी के दिग्गज लाल कृष्ण आडवाणी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विवादित बोल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बीजेपी की वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राहुल पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के बयानों ने हमें आहत किया है, उन्हें भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। बता दें कि राहुल ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के चन्द्रपुर की रैली में कहा था कि मोदीजी ने अपने गुरु आडवाणी को जूता मारकर स्टेज से उतार दिया है।

राहुल को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत देते हुए सुषमा ने ट्वीट किया, 'राहुलजी, अडवाणीजी हमारे पिता तुल्य हैं। आपके बयान ने हमें बहुत आहत किया है। कृपया भाषा की मर्यादा रखने की कोशिश करें।'

राहुल ने क्या कहा था
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को चन्द्रपुर की रैली में कहा, 'हिंदू धर्म में सबसे जरूरी होता है गुरु। गुरु-शिष्य का रिश्ता होता है न। मोदीजी के गुरु कौन हैं...आडवाणीजी। शिष्य गुरु के सामने हाथ भी नहीं जोड़ता। स्टेज से उठाकर फेंक दिया नीचे गुरु को। जूता मारके आडवाणीजी को उतारा स्टेज से और हिंदू धर्म की बात करते हैं।

हिंदू धर्म में कहां लिखा है कि लोगों को मारना चाहिए।' उन्होंने कहा, '2019 का चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई है। कांग्रेस की विचारधारा भाईचारा, प्रेम मोदी के नफरत, क्रोध और विभाजनकारी विचारधारा पर जीत हासिल करेगी।’ 

मोदी अपने गुरु आडवाणी को नमस्ते तक नहीं कहते: राहुल
राहुल गांधी ने शुक्रवार को वर्धा में भी चुनावी जनसभा की। यहां उन्होंने कहा, 'आपने सुना, मैं प्यार से बोलता हूं, नफरत मेरे भाषण में नहीं सुनाई पड़ेगी। हिंदू धर्म में सबसे बड़ी चीज क्या होती है?...गुरु-शिष्य का रिश्ता। आप बताइए, इससे बड़ी कोई चीज है। आडवाणीजी की आज क्या हालत है? आडवाणीजी नरेंद्र मोदी के गुरु हैं। स्टेज से उठाकर फेंक दिया। नमस्ते तक नहीं करते हैं, मैंने देखा है अपनी आंखों से। ये फिर धर्म की बात करते हैं।'

ऑडवाणी के ब्लॉग के बाद मोदी पर हमलावर हैं विपक्षी
दरअसल बीजेपी के स्थापना दिवस से 2 दिन पहले लाल कृष्ण आडवाणी ने एक ब्लॉग में लिखा कि बीजेपी ने कभी अपने राजनैतिक विरोधियों को दुश्मन या देशद्रोही नहीं माना। अपनी परंपरागत सीट गांधीनगर से इस बार टिकट नहीं मिलने के बाद आडवाणी की यह पहली सार्वजनिक टिप्पणी थी। आडवाणी के ब्लॉग के बाद से ही विरोधी दल पीएम मोदी पर हमलावर हैं।