श्रीलंका सीरियल ब्‍लास्‍ट: पाकिस्‍तानी शरणार्थियों पर हमला, 800 लोगों को घर छोड़ने को कहा

श्रीलंका सीरियल ब्‍लास्‍ट: पाकिस्‍तानी शरणार्थियों पर हमला, 800 लोगों को घर छोड़ने को कहा

कोलंबो: ईस्‍टर पर हुए आत्‍मघाती बम हमलों से प्रभावित नेगोंबो में सांप्रदायिक तनाव सिर उठाने लगा है। श्री लंका की राजधानी कोलंबो के उत्‍तर में स्थित उपनगरीय क्षेत्र नेगोंबो में रह रहे पाकिस्‍तानी शरणार्थियों पर स्‍थानीय लोगों ने हिंसक हमले किए हैं। बुधवार को सैकड़ों शरणार्थी बसों में भर-भरकर यहां से पलायन करते देखे गए। 

किराए के मकानों में रह रहे लगभग 800 पुरुषों, महिलाओं और बच्‍चों को उनके सिंहली, ईसाई और मुस्लिम मकान मालिकों ने फौरन घर छोड़कर निकल जाने को कहा है। इन्‍हें डर है कि शरणार्थियों के तार आतंकवादियों से जुड़े हो सकते हैं। 
 
हिंसक भीड़ ने घरों से खींचकर निकाला 
बुधवार को एक तरफ जहां सेंट सिबेस्टियन चर्च में हुए धमाके में मारे गए 100 से अधिक नागरिकों के परिजन उनका सामूहिक अंतिम संस्‍कार कर रहे थे, दूसरी तरफ लोहे की छड़ों से लैस हिंसक भीड़ शहर के छोर पर बसे इन शरणार्थियों की बस्‍ती पर हमला कर रही थी। भीड़ इनके घरों मे जबरन घुस गई, दरवाजे तोड़ दिए ओर पुरुषों को खींचकर बाहर निकाल लिया। इनमें से कुछ शरणार्थियों ने भागकर नेगोंबो पुलिस स्‍टेशन में पनाह ली। 

मुस्लिम काउंसिल ऑफ श्री लंका के वाइस प्रेजिडेंट हिल्‍मी अहमद ने बताया, 'हमें पता चला कि बुधवार को स्‍थानीय जनता और पाकिस्‍तानी शरणार्थियों के बीच झड़प हुई थी।' 

चूंकि इनके मकान मालिक हिंसा भड़काने में शामिल हैं इसलिए 400 से अधिक शरणार्थी परिवारों को किसी और जगह बसाया जाएगा। यंग मुस्लिम मेन असोसिएशन के अध्‍यक्ष नवाज दीन का कहना है, 'करीब 60 लोगों ने नेगोंबो पुलिस स्‍टेशन में शरण ली है। अब संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद को फैसला करना है कि इनका क्‍या किया जाए। हमारे संगठन ने मदद की पेशकश की है।' 
 
अहमदिया संप्रदाय के हैं ये शरणार्थी 
पाकिस्‍तान के ये शरणार्थी अहमदिया संप्रदाय के हैं। स्‍थानीय सुन्‍नी बहुसंख्‍यकों के उत्‍पीड़न से परेशान होकर ये पांच साल पहले श्री लंका आए थे। पाकिस्‍तान के अलावा अफगानिस्‍तान के इन शरणार्थियों को यहां संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद की मदद से बसाया गया है। ये यहां तब तक रहेंगे जब तक ऑस्‍ट्रेलिया या न्‍यू जीलैंड में इनके पुनर्वास की व्‍यवस्‍था न हो जाए। 

श्री लंका में सांप्रदायिक तनाव होना असामान्‍य घटना है। पहले ही यह देश दशकों तक जातीय संघर्ष में उलझा रहा है। इस सप्‍ताह हुए सीरियल ब्‍लास्‍ट के पहले तक श्री लंका में ईसाई और मुसलमानों के बीच हिंसा का कोई इतिहास नहीं था। श्री लंका में 7 पर्सेंट ईसाई, 10 पर्सेंट मुस्लिम, 13 पर्सेंट हिंदू और 70 पर्सेंट बौद्ध रहते हैं। 

मृतकों की संख्‍या 359 से घटकर 253 
इस बीच श्री लंका में ईस्‍टर पर हुए हमलों में मरने वालों की संख्‍या 359 से घटाकर 253 बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी शवों के पोस्‍टमॉर्टम हो चुके हैं। पोस्‍टमॉर्टम और डीएनए रिपोर्ट का मिलान करने पर पता चला है कि कुछ शवों की दो बार गिनती हो गई थी। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, कुछ शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे कि उनकी दो बार गिनती कर दी गई थी।