सरकार ने 5 संदिग्ध मुस्लिम आतंकवादिओं का फोटो और एक का नाम जारी

सरकार ने 5 संदिग्ध मुस्लिम आतंकवादिओं  का फोटो और एक का नाम जारी

काेलंबो. श्रीलंका सरकार ने यहां 21 अप्रैल हुए सीरियल ब्लास्ट में मारे गए लोगों का आंकड़ा घटा दिया है। उसका कहना है कि हमले में 253 लोगों की मौत हुई। पहले 359 लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी। सरकार ने इस फिदायीन हमले में शामिल रहे पांच संदिग्धों के फोटो और एक का नाम जारी किया है। उधर, गुरुवार को यहां 39 देशों के यात्रियों के लिए आगमन पर वीजा (वीजा ऑन अराइविंग) देने की सुविधा को बंद कर दिया। 

  • विदेश मंत्रालय ने 39 देशों के यात्रियों के लिए आगमन पर वीजा सुविधा कुछ समय के लिए बंद
  • रक्षा सचिव ने इस्तीफा दिया, पीएम ने कहा- और धमाके हो सकते हैं
  • पुलिस ने 2 संदिग्ध फिदायीनों के पिता समेत 75 लोगों को हिरासत में लिया

6 संदिग्ध हमलावरों में में 3 महिलाएं

श्रीलंका ने 5 संदिग्ध हमलावरों की फोटो और एक का नाम जारी किया है। इनमें 3 महिलाएं हैं। एजेंसियों का दावा है कि फिदायीनों में नौ आतंकी स्थानीय संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के हो सकते हैं। शक है कि इन्हीं आतंकियों की मदद से विस्फोटक चर्च और होटलों में पहुंचाया गया था। 

विदेशी हाथ, इसलिए रोकी गई आगमन पर वीजा सुविधा

हमले के बाद देश में 39 देशाें के लिए आगमन पर वीजा देने की सुविधा रोक दी गई है। विदेश मंत्री अमारातुंगा ने कहा, “आगमन पर वीजा देने के सभी इंतजाम कर लिए गए थे, लेकिन हमने अब फैसला किया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए इसे कुछ समय के लिए रोक दिया जाए। जांच में हमलों में विदेशी संपर्कों का खुलासा हुआ है और हम नहीं चाहते कि इस सुविधा का दुरुपयोग हो।” 

राष्ट्रपति ने मांगा था रक्षा सचिव और पुलिस प्रमुख का इस्तीफा

इन हमलों के बाद रक्षा सचिव हेमासीरी फर्नांडो ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने देश के पुलिस प्रमुख पी. जयसुंदर और रक्षा सचिव एच. फर्नांडो को बुधवार को ही इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। राष्ट्रपति सिरिसेना ने यह भी कहा था कि आगामी सप्ताह में पुलिस और सुरक्षाबलों का पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाएगा। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि आतंकवादी दोबारा हमले शुरू कर सकते हैं। अभी श्रीलंका में कई संदिग्ध मौजूद हैं और उनके पास विस्फोटक हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों के निशाने पर अब स्लीपर सेल।