जया प्रदा मंच पर रो पड़ीं , आजम पर गंभीर आरोप: रामपुर

जया प्रदा मंच पर रो पड़ीं , आजम पर गंभीर आरोप: रामपुर

रामपुर: उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट में चुनावी जंग किसी बॉलिवुड फिल्म से कम नजर नहीं आ रही। यहां ऐक्ट्रेस से नेता बनीं जया प्रदा को बीजेपी ने यहां मैदान में उतारा है। बुधवार को जया प्रदा ने अपना नामांकन कराया और फिर विक्टिम कार्ड खेला। मंच से पब्लिक को संबोधित करते हुए जया प्रदा फूट-फूटकर रोईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एसपी कार्यकाल में यूपी के कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर गंभीर आरोप लगाए।

जया प्रदा ने आजम खान पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके ऊपर एसिड अटैक का प्रयास किया। उन्होंने तो यहां तक कह डाला कि आजम खान के डर से ही वह राजनीति से दूर हो गई थीं। वहीं आजम खान का कहना है कि उन्हें ऐसे शब्द कहने के लिए उकसाया जा रहा है ताकि उन्हें लोकसभा में जाने से रोका जा सके। 

'मैं आजम खान को अपना भाई कहती थी'
जया प्रदा नामांकन दाखिल करने के बाद बुधवार को रामलीला मैदान में एक रैली में पहुंचीं। यहां वह पब्लिक के सामने आंखों से आंसू बहाते हुए बोलीं, 'मैं रोना नहीं चाहती थी। मैं मुस्कुराना और जीना चाहती हूं। मुझे अब कोई डर नहीं है। मैं नरेंद्र मोदी की बीजेपी की बहादुर महिला हूं। मैं आजम खान को अपना भाई कहती थी, लेकिन उन्होंने मेरी राखी का सम्मान नहीं किया।'

किला मैदान में थोड़ी दूर, आजम खान ने भी अपना नामांकन दाखिल करने से पहले एक पीड़ित की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, 'योगी और मोदी सरकारें नहीं चाहती कि मेरी आवाज लोकसभा तक पहुंचे। वे मुझे कुछ कहने के लिए उकसा रहे हैं ताकि मैं इस चुनाव में न लड़ सकूं। लेकिन मैं गांधी पर विश्वास करता हूं और वे गोडसे में विश्वास करते हैं। 'इतना ही नहीं, आजम खान ने यूपी में हाल ही में उनके खिलाफ चल रहे मामलों और जांचों का भी हवाला दिया।  
 
नामांकन के दौरान जया ने कहा, 'यह आजम ही थे जो 2004 में उन्हें मुंबई से रामपुर ले आए थे। अब वह मुझे बाहरी व्यक्ति कह रहे हैं। क्या वह यह नहीं जानते थे कि मैं मुंबई में रहती थी?'

आजम खान-अमर सिंह के बीच जंग की गवाह रामपुर सीट 
बता दें कि रामपुर सीट आजम खान बनाम अमर सिंह की लड़ाई का प्रमुख गवाह भी बन चुकी है। इस सीट पर राजनीतिक रोमांच तो हमेशा कायम रहा लेकिन विकास के लिहाज से रामपुर काफी पीछे छूट गया। यहां न सिटी बस सर्विस है और न ही अपशिष्ट निपटान (वेस्ट डिस्पोजल) की जगह। अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत भी बेकार है। कुल मिलाकर रामपुर आधारभूत सुविधाओं की रेस में पिछड़ा हुआ है। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य की लिस्ट में सामने आया था कि रामपुर के सवा तीन लाख निवासी रोजाना करीब 165 टन कूड़ा निकालते हैं। 

रामपुर लोकसभा सीट के अंदर 5 विधानसभा सीटें हैं- सुआर, चमरउआ, बिलासपुर, रामपुर, मिलक। 2014 के चुनाव के दौरान यहां की आबादी सवा तीन लाख है जबकि वोटर 1,154,544। कहा जाता है कि पूरे यूपी में सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या वाली सीट रामपुर ही है।