सेना के लिए चीन-पाक सीमा पर बनेंगी सुरंगें, 800 मीट्रिक टन गोला-बारूद रखा जा सकेगा

सेना के लिए चीन-पाक सीमा पर बनेंगी सुरंगें, 800 मीट्रिक टन गोला-बारूद रखा जा सकेगा

नई दिल्ली. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और चीन की सीमा पर गोला-बारूद और अन्य हथियार रखने के लिए चार सुरंगें बनाने का निर्णय लिया है। सेना ने गुरुवार को नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचपीसी) के साथ करार किया। इसे बनाने में करीब दो साल का समय लगेगा। इसमें 15 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। अनुमान के मुताबिक इनमें करीब 800 मीट्रिक टन गोला-बारूद रखा जा सकेगा।

  • चीन की सीमा पर तीन और पाक सीमा पर एक सुरंग बनाई जाएगी
  • नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ करार

भारत-चीन सीमा पर हथियार ले जाने में दिक्कत

सेना के सूत्र ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत भारत-चीन सीमा पर तीन सुरंगें बनाई जाएंगी। एक सुरंग भारत-पाक सीमा पर बनेगी। इस योजना का उद्देश्य भारत-चीन सीमा पर भारतीय सेना की क्षमताओं को बढ़ाना है। ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से इस सीमा तक भारी हथियारों को ले जाने में समस्या होती है। 

एक सुरंग में 200 मीट्रिक टन गोला-बारूद रख सकेंगे

इस सुरंग के बनने के बाद इसमें सेना गोला-बारूद के साथ अन्य हथियार भी रख सकेगी। एक सुरंग में करीब 200 मीट्रिक टन गोला-बारूद रखा जा सकेगा।

नुकसान से बच सकेंगे सैन्य उपकरण

सूत्र ने बताया कि भारत लंबे समय से चीन और पाक की सीमाओं पर सुरंग बनाना चाहता था। यह सुरंगें उत्तरी और पूर्वी सीमा पर ऊंचाई वाले इलाके में बनाई जाएंगी। इससे सैन्य क्षमता मजबूत होगी। साथ ही दुश्मन के हमले से गोला बारूद और अन्य रक्षा उपकरणों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।