बुलंदशहर हिंसा-'इंस्पेक्टर सुबोध ने मारी थी सुमित को गोली' : चश्मदीद

बुलंदशहर हिंसा-'इंस्पेक्टर सुबोध ने मारी थी सुमित को गोली' : चश्मदीद

पुलिस ने इसी चश्मदीद के बयान के आधार पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के आरोप में गुरुवार को सिकंदराबाद-नोएडा बॉर्डर से प्रशांत नट को गिरफ़्तार किया. प्रशांत का नाम पहले से दर्ज एफआईआर में नहीं था.

मुकेश नाम के इस चश्मदीद ने शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में मीडिया को बताया कि प्रशांत नट ने इंस्पेक्टर सुबोध की रिवॉल्वर छीनकर उन पर गोली चलाई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी.

प्रशांत को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

पुलिस जब प्रशांत को ले जा रही थी तो पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने इंस्पेक्टर को गोली मारी. इसके जवाब में प्रशांत ने कहा, "नहीं."

मुकेश का दावा, 'इंस्पेक्टर ने चलाई थी सुमित पर गोली'

मुकेश ने यह दावा भी किया कि पहले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने मृतक सुमित को गोली मारी थी, जिसके बाद भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था.

मुकेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "कोतवाल साहब मुझे जानते थे. मेरा उनसे परिचय था. चौकी के सामने उनकी ठोड़ी फूट चुकी थी. मैं रेत की एक ट्रॉली की आड़ में खड़ा था. चारों ओर से पथराव हो रहा था. मैं उन्हें अपने गांव की तरफ़ ले जाने की कोशिश कर रहा था."

"सुमित ने पत्थर मारा जो कोतवाल साहब के लग गया. कोतवाल साहब ने भी मारा जो किसी और को जाकर लगा. सुमित पथराव में सबसे आगे था. रास्ते में एक नाली पड़ती है. नाली कूदते समय ही कोतवाल साहब ने सुमित को गोली मार दी."

"सुमित मौक़े पर ही गिर गया. वहां एक दीवार पड़ती है, दीवार के पीछे से प्रशांत आया और उसने (इंस्पेक्टर को) पीछे से जकड़ लिया. इसके बाद पब्लिक एकदम टूट पड़ी. लोगों ने पत्थर और डंडों से उन्हें मारा. वो नीचे गिर गए. तभी प्रशांत ने उनसे रिवॉल्वर छीनकर उनको गोली मार दी."

मुकेश का कहना है कि उनके सामने ही प्रशांत ने इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को गोली मारी.

उन्होंने कहा, "इसके बाद प्रशांत ने रिवॉल्वर वहीं गिरा दी थी. पहले वो उसे ले जा रहा था फिर किसी ने कहा कि इसे वहीं छोड़ दो तो उसने वैसा ही किया."

ऐसे सामने आया प्रशांत नट का नाम

बुलंदशहर के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बीबीसी संवाददाता नवीन नेगी को बताया कि चश्मदीद मुकेश को एक वीडियो के आधार पर चिह्नित किया गया और फिर उससे पूछताछ की गई.

उन्होंने बताया, "उस वीडियो में 2 मिनट 8 सेकेंड पर गोली चलने की आवाज़ आती है. उसके आगे पीछे सात-आठ लोग वहां पाए गए, जहां इंस्पेक्टर घुटनों के बल गिरे हुए थे. उन सबकी पहचान की गई लेकिन उनमें से एक व्यक्ति की पहचान नहीं हो पा रही थी. वो एक व्यक्ति ऐसा निकला जिसे इंस्पेक्टर ने मदद के लिए बुलाया था. वो हरवानपुर का था और इंस्पेक्टर को दीवार कुदवाने के लिए ले जा रहा था. फिर उसने बताया कि इसमें कौन कौन लोग शामिल थे."

एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक, शुरू में वीडियो में प्रशांत की पहचान नहीं हो पाई थी क्योंकि वह वीडियो बनाने वाले के पीछे खड़ा था. लेकिन बाद में वह एक जगह दिख रहा था. फिर उसके घर पर पता किया गया तो पता चला कि घटना के बाद ही वह अपने परिवार समेत फ़रार हो गया था.

उन्होंने बताया, "प्रशांत थोड़ा दबंग टाइप का है. हट्टा कट्टा है. उसकी उम्र 32-34 के क़रीब है."