रफाल मामले में क्या सरकार को वाकई सुप्रीम कोर्ट से क्लीनचिट मिल गई?

रफाल मामले में क्या सरकार को वाकई सुप्रीम कोर्ट से क्लीनचिट मिल गई?

फ्रांस से 36 लड़ाकू विमानों की खरीद मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों पर मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जनता को गुमराह करने और सेना के बारे में संदेह पैदा करने के लिए राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। शाह ने कहा कि देश को गुमराह करने की ऐसी कोशिश पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी देश की जनता को जवाब दें कि वह किस आधार पर देश की जनता को गुमराह कर रहे थे और उनके आरोपों के बारे में जानकारी का स्रोत कौन था।' 

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रफ़ाल सौदे की जांच की मांग ख़ारिज कर दी. इस सिलसिले में आई सभी अर्ज़ियां रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा, राष्ट्रीय रक्षा के मामलों में टीवी इंटरव्यू के आधार पर फैसले नहीं हो सकतेI इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने में देर नहीं की I

अमित शाह ने राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा तो पार्टी ने तीखा पलटवार किया है. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि अमित शाह बचकाने बयान देना बंद करें, उन्हें पता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा है I 

राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कांग्रेस पर अमित शाह ने पलटवार किया है I अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट झूठ की राजनीति करने वालों के मुंह पर तमाचा है I राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि 'मैं सर्वोच्च अदालत के फैसले का स्वागत करता हूं I सच की जीत हुई I आजादी के बाद एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह किया गया I यह प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी ने किया. कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने व पार्टी के फायदे के लिए झूठ की एक नई राजनीति की शुरुआत की I

अमित शाह ने कहा है कि देश की जनता कभी नहीं मानेगी कि चौकीदार चोर है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि उनकी इन झूठी सूचनाओं का सोर्स क्या था।

शाह ने कहा, ‘देश की आजादी के बाद से एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने का इससे बड़ा प्रयास कभी नहीं हुआ और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष के द्वारा किया गया।’ राहुल गांधी पर ‘बचकानी हरकत’ करने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने और अपनी पार्टी के तत्काल फायदे के लिए झूठ का सहारा लेकर चलने की एक नई राजनीति की शुरुआत की और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने आज सिद्ध कर दिया है कि झूठ के पैर नहीं होते और अंत में जीत सत्य की ही होती है। 

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके अध्यक्ष हर नुक्कड़ और चौराहे पर आरोप लगा रहे थे, लेकिन शीर्ष अदालत के फैसले से दूध का दूध, पानी का पानी हो गया तथा कांग्रेस अध्यक्ष गांधी के सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान का पर्दाफाश हो गया है। शाह ने कहा कि देश की जनता कभी नहीं मानेगी कि चौकीदार चोर है। बता दें कि राहुल गांधी ने कई मंचों से पीएम मोदी पर घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा था देश का चौकीदार चोर है। एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि चुनाव में हानि-लाभ अलग बात है, लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़े मसले पर ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए। 

'जेपीसी जांच से नहीं भाग रहे, सदन में बहस को तैयार' 
एक सवाल के जवाब में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार इस मामले की संयुक्त संसदीय कमिटी (जेपीसी) की जांच से भाग नहीं रही है, लेकिन कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में क्यों नहीं गई तथ्यों के साथ, राहुल क्यों भाग रहे हैं।' शाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले याचिकों, जिनमें अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा जैसे नेता शामिल रहे, कांग्रेस की बी टीम भी कहा है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को चुनौती है कि तथ्य लेकर सदन में चर्चा करें।

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे पर फिर से मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर पांच सौ करोड़ के जहाज 1600 करोड़ में क्यों खरीदे गए I जिस दिन जेपीसी की जांच हो गई दो नाम सामने आएंगे मोदी और अनिल अंबानी. राहुल गांधी ने कहा कि सब जानते हैं कि चौकीदार चोर हैं और चौकीदार ने अनिल अंबानी को चोरी कराई.राहुल गांधी ने कहा कि हम तीन चार दिन में प्रेस कांफ्रेंस करते हैं I पर प्रधानमंत्री कोई प्रेस नहीं करते . हम काफ़ी समय से राफ़ेल पर भ्रष्टाचार की बात करते हैं. 526 करोड़ का विमान 1600 करोड़ का क्यों खरीदा गया? ऑफ़सेट पार्टनर अनिल अंबानी की कंपनी को क्यों दिया ? HAL को क्यों नहीं दिया? फ्रांस के राष्ट्रपति कहते हैं कि सीधे प्रधानमंत्री ने हमें आर्डर दिया I

राहुल गांधी ने रफ़ाल पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बावजूद हमारे सवाल बचे हुए हैं I  उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हवाला देते हुए कहा कि जिस सीएजी ऑडिट का ज़िक्र किया गया, वह कहां है I सरकार सामने क्यों नहीं आ रही I उन्होंने कहा कि वो रफ़ाल पर सरकार का झूठ उजागर करते रहेंगे I

हालांकि राहुल विस्मृत कर चुके है की पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यदाकदा भी नहीं किसी मुद्दे पर बोलते नहीं दिखाई पड़ते थे और जनता से लेकर राजनितिक दल में उन्हें मौनी सिंह के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त हुई थी I

एनडीटीवी ने प्राइम टाइम में यह सवाल उठाया की क्या सरकार को क्लेंचित मिल गयी है ? रविश कुमार ने अपने सवालोंस से दर्शको को सोचने पर मजबूर कर देता हैकि क्या भाजपा सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को अपने ढंग से जनता के सामने ला रही है ? पढ़िए क्या लिखा है रविश कुमार ने -

रफाल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. इस फैसले को बीजेपी अलग तरीके से पढ़ रही है और कांग्रेस अपने तरीके से पढ़ रही है I 29 पेज का ही फैसला है इसलिए आप सभी को पढ़ना चाहिए. देखना चाहिए कि अदालत ने फैसले में क्यों लिखा है कि कई सवालों की समीक्षा उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, तो फिर उन सवालों का जवाब कहां से मिलेगा I अदालत ने यह कहीं नहीं लिखा है कि अब इन सवालों का जवाब कहीं और से न अदालत से नहीं लिया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच का फैसला है. इस बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ थे I